पशु पालकों के लिए अच्छी खबर
प्रदेश में मात्र रहली में बनाया जा रहा मक्का वा गन्ना का साइलेज
पशुओ की उत्पादन क्षमता में हो रहा इजाफा
Time news.
रहली। खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए केन्द्र सरकार एवं प्रदेश सरकार के संकल्प को साकार करने में रहली किसान प्रोड्यूसर कंपनी मील का पत्थर साबित हो रही है। सरकार द्वारा विशेष सहयोग के साथ एफ पी ओ का गठन कर किसानों को उन्नत एवं आधुनिक तरह से खेती करने प्रशिक्षण देने तथा जोखिम उठाने के लिए विभिन्न विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई ।
बीते कुछ वर्षों से देखने में आया है की सागर संभाग एवं आसपास के कई जिलों में मक्क लगाई नहीं जाती थी मक्का लगाने के संबंध में अनेक भ्रांतियां फैली थी मक्का लगाने के लिए प्रोस्ट एवं प्री आधुनिक मशीनी की किसानों को जानकारी थी और तो और खरीददार भी नहीं थे। इसलिए किसानों को मक्के का उचित मूल्य नहीं मिल पाता था।
अब रहली किसान प्रोड्यूसर कंपनी अब मक्के की खड़ी फसल के साथ साथ गन्ने की फसल का गीले हरे चारे साइलेज का उत्पादन करने लगी है। जिसे मक्क की साइलेज और गन्ने की साइलेज के रूप में बाजारों में उपलब्ध कराया जा रहा है यह एक बेहतर और उन्नत किस्म का हरा चारा है जिसे वर्तमान में भूसा और हरे चारे की समस्या जो वर्तमान में दुग्ध उत्पादन संस्थानों और बड़ी डेयरी के लिए बनी हुई थी बो अब दूर होती दिखाई पड़ रही है।पशु चिकित्सक डॉ नीरज ठाकुर द्वारा पशुपालकों को साईलेज खिलाने से होने वाले लाभों की जानकारी दी गई तब पशुपालकों ने अपने पशुओं को साईलेज मक्का खिलाना शुरू किया मक्का साईलेज भूसा चुनी चापर खली का भी विकल्प हो सकता हैं किसानों कंपनी पर भरोसा करें कुछ मक्का की फसल उधार दे दी तथा शेष राशि की व्यवस्था डायरेक्ट न करें रहली नगर में प्रथम उघोग तथा एफपीओ स्तर पर प्रदेश का पहला साईलेज का प्लांट स्थापित कर लिया ।
एस डी एम गोविन्द दुबे, तहसीलदार राजेश पाण्डेय ने प्लांट का भृमण किया और मक्का और गन्ने से पशु आहार साइलेज बनने की प्रक्रिया देखी उन्होंने बताया की हमारे क्षेत्र में गन्ना की फसल की पैदावार भी अच्छी होती हैं गुड बनाने के अलावा और कोई विकल्प न होने के कारण गन्ना भी उपयुक्त लाभ नहीं मिल पाता तथा बडे रकवा में गन्ना पैदा नहीं किया जा सकता। रहली... गन्ना की फसल से साईलेज निर्माण कर रही हैं जो गर्मियों के दिनों में पशुओं को पोष्टिक और संतुलित आहार बनेगा तथा क्षेत्र में गन्ना का रकवा बढ़ जाएगा,मक्का उत्पादन किसानों को खेती लाभ का धंधा साबित होगा ।मक्का, गन्ना के साथ नेपियर धास भी शेयर होल्डर लगवाया जायेगा जिससे एक खेत में एक वर्ष में तीन से चार फसल लेकर किसान लगभग तीन गुना लाभ प्राप्त कर पायेगा ।
प्रबंधक अरविंद तिवारी, विवेक नायक ने बताया की इस पूरे प्रोजेक्ट में किसानों को लाभ के साथ साथ रोजगार के अवसर बढ़ गए हैं। कंपनी के पास 5 स्थाई कर्मचारी हैं तथा लगभग 50 अस्थाई मजदूर काम कर रहे हैं जिसमें दिवयांग एवं महिलायें भी शामिल हैं।।




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